• अविश्‍वसनीय भारत (Incredible India – The Brighter Side in Hindi)

    आज सोशल डिसटेंसिग के समय में नमस्‍ते करना बिल्‍कुल सही है और राष्‍ट्रपतियों और राजाई घराने के लोगों को भी इसकी आदत पड गई है । अगर हम आत्‍मा की स्‍मृति से आत्‍मा को नमस्‍ते कहते हैं, यह समझ कर कि यह अभिवादन प्रत्‍येक प्राणी को आदर और सत्‍कार देने के लिए है, तो सोशल डिसटैंसिग की समस्‍या समाप्‍त हो जाती है ।
    नमस्‍ते एक संस्‍कृत का शब्‍द है जो कि दो शब्‍दों से मिलकर बना है , ‘नमस’ और ‘ते’ । नमस का अर्थ है ‘झुकना’ और ते का अर्थ है ‘आपको’ । इसलिए, नमस्‍ते का अर्थ है: “मैं आपके समक्ष झुकता हूँ” “मैं आपकी महानता के आगे झुकता हूँ ।” या, “मैं आपके आदर में आपके आगे झुकता हूँ ।”

  • प्रेम की नई शैली का निर्माण – Creating a New Meme of Love (in Hindi)

    हम वर्तमान समय एक चयन के पल से गुजर रहे हैं, हम जीवन के दोराहे पर खडे हैं । हम प्रेम, शांति, आनंद, खुशी और करूणा की ओर जाने का चयन कर सकते हैं । या हम उस “साहसी नये संसार” में रहने का चयन कर सकते हैं जो कि भय, उत्‍तेजना और शंका से भरा है । आप कौन से का चयन करेंगे?

  • आत्मसमर्पण करने से बेहतर है लचीला बनें – Resilience Not Resignation (In Hindi)

    हाल ही में समस्त संसार से बहुत से लोगों के परिक्षण और पीड़ा की बहुत सी कहानियाँ बहुत हताश करने वाली हैं । चाहे तो कोई अकेला है, या किसी की नौकरी चली गई है, और या फिर किसी प्रकार का नुकसान उठाया है । एक लड़की की दुख भरी कहानी में उसके बॉयफ्रैंन्ड ने उसे इस पूर्ण लॉकडाउन में छोड़ दिया । अभी तो मौका था एक दूसरे का सहारा बनने का! जिस भी हालात में आप हैं उससे निराश नहीं हों, क्योंकि अभी तो वह समय है जब हमें आतंरिक लचीलापन विकसित करना है ।

  • स्वतंत्र इच्छा, चुनाव और परिणाम – Free Will, Choice and Consequence (in Hindi)

    स्वतंत्र इच्छा, चुनाव और परिणाम       आज के समय में प्रकृति अपना आधिपत्त्य साबित कर रही है । हम प्रकृति की झूँझलाहट को देख रहे हैं । हम उस भयंकर ताकत को देख रहें हैं, हमें लगा था कि अपनी तकनीकी और विज्ञान के शस्त्रागार से हम उसे नियंत्रित कर सकते हैं । Continue reading »

  • एक कविता वायरस के नाम – ODE to the Bug (in Hindi )

    एक कविता वायरस के नाम भीतर रहना है भीतर रहना है उन्होंने यही बताया लेकिन कौन से भीतर मुझे नहीं मालूम क्या गली में जो मेरा घर है उसके भीतर या फिर इस घर के भीतर जो आत्मा का घर है? दूरी रखनी है दूरी रखनी है उन्होंने यही बताया लेकिन कौन सी दूरी मूझे Continue reading »

  • चलिए सकारात्मक रिवायत का निर्माण करें – Let’s Create a Positive Narrative (in Hindi)

    हमें केवल भय से ही भय रखना है – फैन्कलिन डी रूज़वैल्ट       प्रतिदिन सरकार और लॉकडाउन आदि के बारे में साधारण मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से नकारात्मक रिवायत (ब्यान) हमारे मन मस्तष्कि में भरी जा रही है, तो इस बात में कोई आश्चर्य नहीं हैं कि इस भय के माहौल Continue reading »

  • कुछ समय किसी दूसरे के हालात में स्वयं को रखकर देखें – Walk a Mile in Someone Else’s Shoes (in Hindi)

    कुछ समय किसी दूसरे के हालात में स्वयं को रखकर देखें स्वयं किसी दूसरे के हालात का अनुभव किये बिना यह जानना, महसूस करना और समझ पाना वास्तव में बहुत कठिन है कि वह किस परिस्थिति से गुज़र रहा है । अगर हमने ऐसा किया भी तो अनुभव वैसा नहीं होगा । लेकिन अगर हम Continue reading »

  • और अधिक सम्भाल करें – Care More (in Hindi)

    और अधिक सम्भाल करें   जब किसी भी चीज़ को सम्भाल और सावधानी का मनोभाव दिया जाता है, तो सम्भवतया चीज़ें और अच्छे ढ़ंग से सम्पूर्ण होंगी । जब हम असावधान होते हैं, तो अव्यवस्था और उलझन पैदा हो जाती है और आमतौर पर चीज़ें खराब हो जाती हैं । जितनी ऊर्जा हम किसी भी Continue reading »

  • खुशी को चुनना – Choosing Happiness (in Hindi)

    खुशी को चुनना   स्व-स्शक्तिकरण की ओर मेडिटेशन पहला कदम है । वे आहा! लम्हें इस बात का अहसास करा सकते हैं कि हमारे जीवन में कुछ बदलने की आवश्यकता है । और तभी हम आंतरिक स्वतंत्रता और खुशी की ओर अपनी यात्रा आरम्भ कर सकते हैं । Listen in Hindi… जब हम किसी यात्रा Continue reading »

  • प्राथमिकता बनें विकल्प नहीं – Be a Priority not an Option (in Hindi)

    प्राथमिकता बनें विकल्प नहीं सोशल नेटवर्किंग के इस दौर में यह सम्भव है कि आपके पास हज़ारों मित्र हों लेकिन कोई भी वास्तविक मित्रता नहीं । बहुत हैं जो आधी रात को पार्टी में शामिल होने आ जाऐंगे लेकिन उनमें से कितनों पर आप आवश्यकता के समय में मदद पाने के लिए निर्भर रह सकते Continue reading »