मेरे मरने से पहले (Before I Die in Hindi)

मेरे मरने से पहले…

हम सभी को एक दिन मरना है! मौत हमारी यात्रा का अंत नहीं है और मैं इस बात में भी विश्वास नहीं करती कि हमें इससे डरना चाहिए, मगर फिर भी यह अच्छी बात होगी अगर हम इस को कुछ महत्व दें ।

Listen to the Audio


हम सब सोचते हैं कि हम सब सौ साल की उम्र तक यहाँ रहने वाले हैं । लेकिन इस वर्ष मेरे आसपास कई मौतें हुई तो कभी कभी मैं सोचती हूँ कि हो सकता है कि मेरी बारी भी जल्दी ही आ जाए! कई बार ताज्जुब होता है कि जो चले गऐ क्या वे अपना कार्य पूरा कर पाऐ थे ।

तो आपको इस भौतिक अस्त्तिव को त्यागने से पहले कौन से कार्य सम्पूर्ण करने हैं? और समय आने से पूर्व उनको सम्पूर्ण करने के लिए आप सही मार्ग पर हैं? यह अच्छा होगा कि आप इस पर दृष्टि डालें कि आप अपना दिन कैसे बिताते हैं । प्रतिदिन की कौन सी आदतें बनाई हुई हैं? क्या वे आदतें आपके हित में कार्य कर रही हैं? या आप साधारण जीवन में फँसे हुए हैं? जो कार्य आप नहीं करना चाहते क्या उसे करने के लिए बाध्य महसूस कर रहे हैं?

आप अपनी छुट्टियाँ कैसे बिताते हैं । क्या वास्तव में आप स्वतंत्रता, खुशी और आनंद का अनुभव कर रहे हैं या केवल बहुत सी योजनाऐं और मार्गदर्शन और आयोजन है?

और:

आपके लिए ‘उत्कृष्ट समय’ की परिभाषा क्या है?

क्या आप कहेंगे कि आपके सम्बन्ध उत्कृष्ट हैं?

क्या आप पर्याप्त आनंद ले रहे हैं और हँसी मज़ाक कर रहे हैं?

क्या आपके काम में और खेल में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है?

क्या आपके जीवन में आरामदेह, संतुष्ट महसूस करने में और उत्साहित और प्रेरित महसूस करने में अच्छा संतुलन है?

अगर आपके जीवन में कुछ भी अच्छा नहीं चल रहा तो अपने जीवन में एक एक करके नई बातें आरम्भ करें । एक बार आप आरम्भ कर देंगे तो आपके भीतर आत्म-विश्वास जागृत होगा और आप और भी करना चाहेंगे । यह अहसास करना कि कुछ असंतुलन है, अपनेआप में बहुत बड़ा कदम है और मैं शायद इससे भी अधिक परिपूर्ण और संतुष्ट जीवन व्यतीत कर सकती हूँ ।

बहुत से लोग जिनको मौत के करीब का अनुभव हुआ है उन्होंने इस बात की टिप्पणी की है, जब जाने का समय आया तो उन्हें सबसे बड़ा अफसोस इस बात का था कि उन्होंने अपने जीवन को परिपूर्ण तरीके से नहीं जिया । और जब वे इस संसार में वापस लौट कर आऐ और उन्हे एक दूसरा मौका मिला तो अक्सर वे अपने जीवन को अर्थ सहित बनाना चाहते थे । वे संसार में कुछ परिवर्तन लाना चाहते थे । वे सच्चे, प्रेमपूर्ण आदरपूर्ण सम्बन्ध स्थापित करना चाहते थे, तुच्छ झगड़ों और गलतफ़हमियों में समय बर्बाद करना नहीं चाहते थे । तो यह बेहतर होगा कि हम इन अनुभवी आत्माओं से कुछ सावधानी लें और वही ग़लती हम ना दोहराऐं!

दूसरी बात जिसका वर्णन यहाँ करना आवश्यक है वह है सही समय के आने की प्रतिक्षा नहीं करें । यही समय है । अगर आपको कोई विचार या प्रेरणा आई है तो जब आपके उत्साह का लोहा गर्म है तभी वार कर दें! कुछ लोग अपने सपनों को जब तक टाल देते हैं जब तक कि उनके बच्चे ना बड़े हो जाऐं या जब तक उनके बैंक खाते में मोटी रकम ना एकत्रित हो जाऐ या जब तक वे सेवा-निवृत ना हो जाऐं । लेकिन नहीं! अपने जीवन में अभी समय निकालिए, क्योंकि हो सकता है ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’!

अपने आनंद को भविष्य के लिए टालें नहीं । फीका सा जीवन जीने में थोड़ा आनंद है । जीवन खुशी, सहजता और आराम से जीने का नाम है । हम ही हैं जो जीवन को, कड़ी मेहनत के तनाव से, दूसरों को खुश करने से या दिखावे के लिए कार्य करने से, मुश्किल बना देते हैं ।

महात्मा गाँधी का सिद्धांत याद करें: ‘ऐसे जिऐं जैसे कि कल मरना है । ऐसे सीखें जैसे कि सदा के लिए जीना है’ ।

अब समय है… जीवन जीने का और अभी जीने का!

 

© ‘It’s Time…’ by Aruna Ladva, BK Publications London, UK

 

 

Join the "It's Time to Meditate" Blog and get these
weekly blog posts sent to your email
Your email is safe with us and we will not share it with anyone else, you can unsubscribe easily
at any time

Leave a Reply

XHTML: You can use these tags: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>