थोड़ा-थोड़ा करके (Little by Little in Hindi)

थोड़ा-थोड़ा करके

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बहुत से लोग मुझसे पूछते हैं कि इतना व्यस्त जीवन होते हुए भी मैंने चार किताबें कैसे लिख दी । अगर सच बताऊँ तो, मैं भी इस सवाल का जवाब नहीं दे सकती । परन्तु मेरा अन्दाज़ा है कि इसका ताल्लुक नियमित रूप से प्रत्येक सप्ताह परिश्रमपूर्वक लिखने से है, और फिर एक दिन… परिणाम निकलता है । मैं समझती हूँ कि यही सिद्धांत जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में लागू हो सकता है । एक बार हम थोड़ा करना आरम्भ करें और उसमें सामंजस्य पैदा कर दें तो हम अपने सपनों और इच्छाओं को पूरा करने की राह पर हैं । जैसा कि चाईनीज़ कहावत है: ‘हज़ारों मीलों की यात्रा एक कदम से आरम्भ होती है’!

Listen to the Audio in ENGLISH – Little by Little (Music by The Art of Living – The Collection)

 

मैंने पहले भी ज़िक्र किया है कि किसी भी खेल में छोटे छोटे साहसी और दृढ़ता के कदम महत्वपूर्ण हैं । उदाहरण के लिए प्रतिदिन पैदल चलना, फुटबॉल में महत्वहीन दिखने वाले प्रतिरोध, टैनिस के अंक, यह सब कुछ मिला कर खेल जीता जाता है । जीवन में भी प्रतिदिन हम अचरज करते हैं कि हम कैसे ‘खेल जीतें’ या जीवन के प्रति अपनी भविष्य की दृष्टि(योजना) को कैसे लागू करें । अगर हम छोटी शुरूआत करते हैं और ए‍क समय में थोड़ी प्रगति करते हैं तो हमारी दृढ़ता और गति हमें, अस्थिर ऊर्जा आवेगों और उनके बाद घटे हुऐ उत्साह से, कहीं अधिक दूर तक ले जा सकती है । कई बार हम इस धारणा में फंस जाते हैं कि ‘मैं चोटी पर पहुँचने के बाद ही महान बन सकता हूँ’, या ‘मैं अमीर और मशहूर होने के बाद ही दयालु और उदार बन सकता हूँ’ । मगर फिर भी जो चोटी पर पहुँचे हैं वह अच्छी तरह जानते हैं कि अपनी यात्रा के दौरान छोटी छोटी बातों से छुटकारा पा के या सोच के या परवाह करके ही वह महान बने हैं और सभी के दिलों में शिखर तक पहुँच गऐ हैं!

अगर आपका कोई सपना है तो उसकी कल्पना करें लेकिन उन छोटे कदमों के बारे में भी विचार करें जिनसे आप आरम्भ कर सकते हैं । उदाहरण के लिए अगर आपमें पर्यावरण को बचाने का जुनून है तो अपने सामने के चौक या स्थानीय पार्क या तालाब को साफ करके आरम्भ करें । अगर आप बुज़ुर्गों या बेघरों की सहायता करना चाहते हैं तो आपके नज़दीकी ऐसे स्थानों पर जाऐं या सड़क पर मौजूद बेघर लोगों से बातचीत करें और उनकी कहानी को जानें । अगर आपको प्रसिद्ध हास्य अभिनेता बनना है तो अपने आसपास के लोगों को हँसा कर आरम्भ करें!

जब हम छोटी छोटी चीजे करना आरम्भ करते हैं जैसे अहंकार को कम करते हैं, स्वयं को अनुशासित करते हैं, समर्पण, सच्चाई, नेकनीयती और सत्यता तो ये सारी बातें मिलकर अहम भूमिका निभाती हैं । उस कर्म से भी महान इन गुणों की ताकत है जो हमारी सफलता के लिए ईंधन का कार्य करती हैं । और यात्रा के दौरान हमारा आत्म-विश्वास और आत्मसम्मान बढ़ता है । छोटे का अर्थ महत्वहीन नही है । जब बड़े लोग छोटी चीजे करते हैं तो यह दिल को छू लेता है ! इन दिनों अक्सर लोग बड़ी बातों की अपेक्षा या प्रशंसा नहीं करते हैं बल्कि छोटी छोटी चीजों को सराहते हैं । ए‍क हल्की मुस्कान, फोन पर थोड़ी देर बात या एक छोटा सा मीठा संदेश । अक्सर किसी के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए इतना ही काफी होता है ।

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क्या होगा अगर आप रोज़ाना 20 मिनट अपनी नई परियोजना के लिए बिताऐं- इतना समय तो आप कॉफी पीते हुऐ बिता देते हैं और संभवत: जितना समय आप फेसबुक पर लगाते हैं यह उससे कहीं कम है । एक वर्ष में इस का कुल योग होगा 7300 मिनट या 122 घंटे । आपको आश्चर्य होगा कि कितना कुछ हासिल कर सकते हैं!

अब समय है… छोटे कदमों से आरम्भ करने का । यात्रा का आरम्भ थोड़े अनुशासन और समर्पण से कीजिए और कल्पना करें कि यह आपको कहां पहुँचा सकता है ।

Take a few minutes to experience a short meditation on getting started (in English)
(Music by The Art of Living – The Collection)

 

© ‘It’s Time…’ by Aruna Ladva, BK Publications London, UK

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