अविष्कार मोड (Discovery Mode – in Hindi)

अविष्कार मोड

Hands show revealtion of power beneath

हम में से सब का संसार के प्रति अपना दृष्टिकोण है और हमें लगता है कि हमारा ही सबसे सही है! जब दूसरे लोगों का घटनाओं के प्रति दृष्टिकोण और समझ जब हमसे मेल नहीं खाती तो हम निर्णय कर लेते हैं कि उनका विवरण गलत है । हम सभी अनूठे हैं तो संसार के प्रति हमारा नज़रिया भी भिन्न है ।

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लोगों की निंदा करना बहुत आसान होता है जब हम उनकी कहानी की सराहना नहीं करते । मैंने स्वयं के साथ भी ऐसा बहुत बार किया होगा और इसलिए सहानुभूति और खोजने का रूख़ अपनाने का प्रयास कर रही हूँ ।

जब हम निर्णय देने के मोड में होते हैं तो हमें लगता है कि हम ही सही हैं और हमें लगता है कि हमारा ही तरीका सबसे सही है और इसलिए निश्चित रूप से दूसरे गलत हैं! पीछे हटने के लिए और यह देखने के लिए कि दूसरे क्या कहते हैं या करते हैं, जीवन का बहुत सा अनुभव, परिपक्वता और नम्रता की आवश्यकता होती है ।

Discover written on rural road

कई बार बेअदब ढ़ग से पेश आना आसान होता है खासकर तब जब हमें यह मालूम होता है कि हमें क्या चाहिए और उसे पाने के लिए हम दृढ़ संकल्प रखते हैं । उसके बाद हमारा सारा ध्यान उस बात पर केंद्रित हो जाता है और लोग पीछे छूट जाते हैं!

‘अविष्कार मोड’ में होने से ना केवल हम निर्णय देने से बच जाते हैं और दूसरे व्यक्ति को और परिस्थिति को भी भली भाँति समझ सकते हैं बल्कि इससे हमें दूसरे व्यक्ति के बारे में और अपने स्वयं के बारे में भी जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलती है । जब हम दूसरे व्यक्ति का दष्टिकोण समझ लेते हैं तो हमारा नज़रिया भी बदलने की संभावना है ।

कुछ समय के लिए दूसरे के हाल में जी कर देखने से कोई नुकसान नहीं होगा । किसी गरीब के हाल में जी कर देखें । असल में यह केवल एक बुद्धि का अभ्यास है जब तक हम किसी भी रूप से स्वयं गरीब न बन जाऐं; हम ऐसे हाल में पहुँच जाऐं जब हम कहीं जाना चाहें तो जा न पाऐं, और जब, जहाँ जो कुछ भी हम करना चाहें तो कर ना पाऐं । लेकिन हम कल्पना करें और इसके फलस्वरूप सहनशक्ति और सहानुभूति को अपनाऐं ।

Young girl's hand touches and holds an old woman's wrinkled hands.

या फिर उन लोगों के हाल में जीवन बीता कर देखें जो कम पढ़े-लिखे हैं । हमें लगता है कि उन्हें उतना ही ज्ञान होना चाहिऐ जितना हमें है । लेकिन ऐसा कैसे सम्भव है, जब उन्हें जीवन के उन अनुभवों से रूबरू होने का मौका नहीं मिला जो हमें मिला था या अभिव्यक्ति की जिस स्वतंत्रता के साथ हम बड़े हुए वह अनुभव उन्हें नहीं मिला । यह तो ऐसे ही हुआ जैसे उनसे जापानी भाषा बोलने की अपेक्षा की जाऐ जबकि उन्होंने उस भाषा को कभी सुन भी नहीं हो ।

अक्सर हम सोचते हैं कि दूसरे भी किसी समस्या का सामना ऐसे ही करेंगे जैसे हम करते हैं । उदाहरण के लिए, अगर आपको किसी पार्टी से निमंत्रण नहीं मिला और आपके लिए यह कोई खास बात नहीं है, तो आपको लगेगा कि दूसरे व्यक्ति के लिए भी यह बड़ी बात नहीं है लेकिन आवश्यक नहीं है कि ऐसा ही हो । प्रत्येक मानव जीवन में विभिन्न प्रतिक्रिया देता है और किसी संवेदनशाल व्यक्ति के लिए यह बहुत बड़ा सदमा पहुँचाने वाला प्रहार हो सकता है । हमें भूलना नहीं चाहिए कि समय प्रति समय हम सभी संवेदनशील हो जाते हैं ।

जब हम किसी दूसरे की कहानी सुनने का समय निकालते हैं, जब हम उनके विचारों को समझने का प्रयास करते हैं तो हम समझ पाऐंगे कि वे किस हाल से गुज़र रहे हैं । हरेक के पास अपने कारण होते हैं । यहाँ तक कि बलात्कारी और खूनी भी ऐसे पैदा नहीं होते । जीवन की घटनाऐं उनके अंदर इच्छाऐं, घृणा और क्रोध पैदा कर देती हैं और वे इन कर्मों में लिप्त हो जाते हैं । हम जल्दी से उनके प्रति अपना निर्णय सुना देते हैं, उनकी निंदा करते हैं और उनको कारागार में बंद करने के लिए बहुत सा पैसा खर्च करते हैं, जबकि शायद हमें उनकी कहानी को सुनना चाहिए और उनका इलाज करने में मदद करनी चाहिए, लेकिन…ये दूसरे लेख का विषय होगा!

Elephants touching each other gently (greeting) - Addo Elephant National Park

इस सप्ताह, कोई कैसा भी है, क्या कहता है या कैसे व्यवहार करता है इस बारे में कोई धारणा बनाने के स्थान पर ‘अविष्कार मोड’ को अपनाऐं और या तो स्वयं को समझा दें कि इनकी कहानी के पीछे कोई कहानी होगी, या उनके साथ बैठ कर मालूम करें ।

‘अविष्कार मोड’ हमें सचेत और कौतूहल में रखता है । इससे सीखने और आगे बढ़ने की आग जलती रहती है । इससे हमारे मित्र बनते हैं और हमें सहयोग मिलता है, क्योंकि उन्हें हमारे साथ कार्य करना बहुत सहज लगता है । ‘अविष्कार मोड’ में हमारा अभिमान नाश होगा और हम पाऐंगे कि हम हमेशा सही नहीं होते और हमारा तरीका सबसे सहज नहीं है ।

अब समय है… सोचना, समझना और धारणा बनाना बंद करने का । ऐसा करने से जो कुछ भी आप अविष्कार करेंगे उस पर आपको आश्वर्य होगा ।

 

© ‘It’s Time…’ by Aruna Ladva, BK Publications London, UK

 

 

 

 

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