• पीड़ायुक्त से शांतिपूर्ण (From Painful to Peaceful – in Hindi)

    Physical pain is not a nice experience. It is the body’s way of saying that something is not right and needs to be changed or fixed.

    Emotional pain may be more difficult to deal with. A broken heart may take longer to heal than a broken leg! This kind of pain can sometimes ‘make us or break us’, depending upon how we deal with it We can go down into the depths of sorrow, or we can rise above it.

  • अतुल्य भारत III (Incredible India III – in Hindi)

    Their love for God is paramount. Nothing begins without first the name of God. You inaugurate a car and God’s pic is there. You open a shop or business and God’s worship is first. Send your son to school and again he has to go to the temple first. Your first salary is also given to charity. Sitting for an exam, tell God to pass you!

    India remains an enchanting country. So liberal, so chaotic and so diverse and yet… somehow it works!

  • घर में सन्यासी (The Hermit at Home – in Hindi)

    One might call it ‘the hermit at home’. In other words, there is no need to move to the mountain. We can now remain in our homes, and yet become free from so many things that actually consume a lot of our time and attention. Those “things” may even be extra bank accounts or land or assets. They may be relationships that suck our energy and leave us feeling negative and aggressive. They may be surplus gadgets, gizmos or machinery that take time to learn, and then later, time to maintain and repair. Those things may also be group chats and memberships of all kinds that pull our attention with very little return.

  • आप साधारण हैं या विशेष हैं? (Are You Ordinary or Special – in Hindi)

    आप साधारण हैं या विशेष हैं? हाल ही में लन्दन में हम दादी जानकी के साथ इस विषय पर चर्चा कर रहे थे । वे हमें प्रेरित कर रहीं थीं कि हम साधारण न रहें! यह बहुत सी वार्तालापों का विषय बन गया… इसका क्या अर्थ है कि हम विशेष बनें ना कि साधारण? यहाँ Continue reading »

  • अंदाज़ा लगाना (Ass-u-me – in Hindi)

    अंदाज़ा लगाना अटकलबाज़ी और अनुमान लगाने के परिणामस्वरूप कितनी गल्तियाँ हो जाती हैं, और कितने सम्बन्ध टूट जाते हैं? ‘अटकलबाज़ी’ का अर्थ है अंतिम परिणाम का अंदाज़ा लगाना, और शायद गलत समझ लेना और एक पल में आपके आसपास हरेक को जोखिम में डाल देना । ध्यान रहे कि आप अनुमान नहीं लगाऐं! निस्संदेह आप Continue reading »

  • दादा बनाम गूगल (Grandpa versus Google – in Hindi)

    दादा बनाम गूगल हमने सोचा था कि हमें अपने भविष्य की चिंता करनी पड़ेगी और निरंतर बदलते हुए संसार के अनुरूप ढ़लना पड़ेगा । मगर ऐसा लगता है कि हमें अपनी भविष्य की पीढ़ी के लिए अधिक चिंतित होना चाहिए था । ऐसा लगता है कि वर्ल्ड वाईड वैब (इन्टरनेट) ने अपना जाल कुछ इस Continue reading »

  • अपना ख्याल रखिए (Take Care – in Hindi)

    अपना ख्याल रखिए जब हम अपना ख्याल रखते हैं तो हमें केवल बाहरी बातों जैसे स्वास्थ्यवर्धक भोजन खाना या प्रत्येक सप्ताह मालिश करवाना पर ध्यान नहीं देना चाहिए । जैसे व्यायामशाला, स्पा, विश्राम के लिए दूर दराज बने विशेष केन्द्र शरीर के लिए बेहतर हैं: हमें आध्यात्मिक ख्याल रखने की भी आवश्यकता है; जैसे आत्मा Continue reading »

  • अतुलनीय भारत II (Incredible India II – In Hindi)

    अतुलनीय भारत II यात्रा महत्वपूर्ण है – मंज़िल नहीं!   भारत एक शानदार स्थान है! अगर इसमें ऊपर से नीचे, पूर्व से पश्चिम तक यात्रा करने के लिए आपने एक वर्ष भी लगा दिया तो वह पर्याप्त नहीं होगा । भारत में विभिन्न प्रकार की संस्कृतियाँ, मौसम और रंग हैं जिससे आप हर कुछ सौ Continue reading »